- 26 मार्च 2026
- Himanshu Kumar
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कल्पना करें, आपकी राशन दुकान पर तुरंत गैस की लाइन लगने की जगह, अब आपको उसमें जाना नहीं पड़ता लेकिन ऑनलाइन भी एक लंबा इंतजार करना पड़ेगा। यही घबराहट पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर लोगों के बीच दौड़ रही थी। लेकिन 25 मार्च 2026 को भारत सरकार, विशेष रूप से पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, ने इस अफवाह को टूटते हुए सिरेवर दिया है। बात यह है कि इंटरनेट पर वायरल हो रहे ख़बरों ने दावा किया था कि गैस सिलेंडर रिफिल बुकिंग के नियम बदल गए हैं—खास तौर पर प्रमुख योजनाओं के लिए अधिक समय। असलियत थोड़ी अलग है। सरकार कहती है कि कोई नया नियम नहीं आया है और जो मौजूदा नियम हैं, वो वैसे ही चल रहे हैं।
सोशल मीडिया पर फैली अफवाहें और सरकार की प्रतिक्रिया
आजकल जब भी किसी आम बस्त या नीति की बात होती है, तो सोशल मीडिया पर पहले तथ्य पहुंचने से पहले 'कौंसिस' (whatsapp forwards) ही चक्र बना लेते हैं। इस बार मामला एलपीजी बुकिंग का था। वायरल पोस्ट्स में कहा जा रहा था कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के खातेधारियों के लिए वेटिंग पीरियड बढ़ाकर 45 दिन कर दिया गया है। वहीं, गैर-PMUY के सिंगल बॉलन कनेक्शन के लिए 25 दिन और डबल बॉलन के लिए 35 दिन का नियम लागू होने वाला है।
ये सब सुनते ही घर-घर में चिंटा पनप गई। लोग सोचने लगे कि क्या सरकार अब उनके गैस के जुड़े हुए धंधे को कम कर रही है? पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने अपने आधिकारिक विज्ञप्ति में स्पष्ट शब्दों में कहा कि ये जानकारी पूरी तरह गलत है। मंत्रालय ने बताया कि वर्तमान में शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन का गैप रहता है, चाहे वह कनेक्शन किस प्रकार का क्यों न हो। यानी कि अगर आप किसी ग्रामीण इलाके में रहते हैं, तो 45 दिन का नियम वहां पहले से है, इसे बढ़ाने की बात नहीं है।
एलपीजी की कमी और मध्य पूर्व के युद्ध का असर
आखिर ये अफवाहें क्यों उठें? सच्चाई यह है कि मार्च 2026 में देश भर में एलपीजी की कमी महसूस हो रही थी। मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष ने वैश्विक तेल और गैस की आपूर्ति पर भारी असर डाला है। हर्मुज़ की सागर मार्ग (Strait of Hormuz) से पारित होने वाली तेल की बनावट में बाधाएं आई हैं, जिससे कीमतें ऊपर जाने की आशंका जताई जा रही है। भारत सरकार ने इस स्थिति का सामना करने के लिए रीफिनरीज को निर्देश दिए हैं ताकि वे घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दे सकें।
सरकारी स्रोतों का अनुमान है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रहेंगी जब तक कि कच्चे तेल की कीमत प्रति बैरल 130 डॉलर ना पहुंच जाए। अभी कीमतें लगभग 100 डॉलर के आसपास हैं। इसलिए सरकार चाहती है कि लोग अनावश्यक डर न खाएं। हालांकि, जरूरत से ज्यादा बुकिंग करने की सलाह दी गई है क्योंकि मौसमी समस्याओं के कारण आपूर्ति श्रृंखला में ठहराव आ सकता है।
प्राकृतिक गैस (PNG) का विकल्प और विस्तार
एलपीजी सिलेंडर की डिपेंडेन्सी कम करने के लिए सरकार एक बड़ा कदम बढ़ा रही है—पाइपलाइन नेचुरल गैस (PNG) का उपयोग। शहरी उपभोक्ताओं, खासकर रेस्त्रां, होटल और अस्पताल जैसे वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को PNG पर स्विच करने के लिए कहा गया है। इससे सिलेंडर पर दबाव कम होगा। पिछले तीन हफ्तों में ही लगभग 3.5 लाख घरेलू और वाणिज्यिक PNG कनेक्शन इंस्टॉल या एक्टिवेट किए गए हैं। यह एक बड़ा अंक है। भारत की कई राज्यों में सरकार ने सीटी जीडी (City Gas Distribution) कंपनियों को अतिरिक्त गैस आवंटन देने की मांग की है ताकि जल्दी कनेक्शन मिल सकें।
सरकार का मानना है कि लंबे समय में यह ढंग परिवहन के लिए बेहतर है क्योंकि इसमें सुरक्षा की फिलिंग ज्यादा होती है और गैस सीधे घर या दुकान तक पहुँचती है। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में अभी PNG की पहुंच सीमित है, इसलिए एलपीजी वहीं प्रमुख विकल्प बनी हुई है।
भविष्य में क्या बदलाव हो सकते हैं?
सरकार ने घोषणा की है कि वह सप्लाई सोर्स को विविधीकृत करने के लिए अल्जीरिया, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और नॉर्वे जैसे देशों से नए सहयोग खोज रही है। यह कदम इस बात का संकेत है कि भारत अब किसी एक क्षेत्र पर निर्भर नहीं रहना चाहता। मध्य पूर्व में तनाव जारी रहता है, तो वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव आएगा। ऐसे में घरेलू उत्पादन बढ़ाने और वैकल्पिक सप्लाई रूट खोजने पर जोर दिया जा रहा है।
व्याख्याकारों का कहना है कि भले ही अभी कोई नियम बदलाव की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन भविष्य में डिजिटल पेमेंट और बुकिंग सिस्टम में और सुधार हो सकता है। फिर भी, आम जनता के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि अफवाहों पर विश्वास न करें और सरकारी वेबसाइट या आधिकारिक सोर्स से जानकारी हासिल करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या गैस सिलेंडर बुकिंग के नियम सच में बदल गए हैं?
नहीं, 25 मार्च 2026 तक के अनुसार कोई भी नियम बदलाव नहीं हुआ है। वर्तमान में शहरी क्षेत्रों में रिफिल के बीच 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन का अंतर होना अनिवार्य है। यह नियम प्रमाणित या गैर-प्रमाणित सभी कनेक्शन के लिए समान है।
ग्रामीण क्षेत्रों में गैस की कमी का क्या कारण है?
वर्तमान में एलपीजी की कमी का मुख्य कारण मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध है। हर्मुज़ सागर मार्ग पर बाधाओं ने वैश्विक गैस आपूर्ति को प्रभावित किया है, जिससे देश में स्टॉक में कमी आ रही है।
क्या हम PNG कनेक्शन ले सकते हैं?
हाँ, यदि आप शहरी क्षेत्र में रहते हैं और आपके क्षेत्र में पाइपलाइन नेचुरल गैस (PNG) उपलब्ध है, तो आप वाणिज्यिक या घरेलू कनेक्शन ले सकते हैं। हाल ही में 3.5 लाख नए कनेक्शन एक्टिवेट किए गए हैं।
क्या डीजल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ेंगी?
सरकारी स्रोतों के अनुसार, जब तक क्रूड ऑयल की कीमत प्रति बैरल 130 डॉलर के निशान को नहीं छूता, तब तक पेट्रोल और डीजल के भाव स्थिर रहने की उम्मीद है।